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स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह का बैग ट्रेन से हुआ चोरी, नहीं कराया एफआईआर

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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के स्कूली शिक्षा मंत्री डॉ प्रेमसाय सिंह टेकाम का बैग ट्रेन से चोरी हो गया है। टेकाम अमरकंटक एक्सप्रेस से रायपुर से पेंड्रा रोड जा रहे थे इसी बीच मंगलवार की रात उनका बैग ट्रेन से गायब हो गया। हालांकि, मंत्री ने फिलहाल इस मामले में एफआईआर नहीं कराई है। 

जानकारी के मुताबिक यह घटना मंगलवार की रात करीब साढ़े 10 बजे के आसपास की बताई जा रही है। ट्रेन से मंत्री का बैग चोरी होने की घटना सामने आने के बाद रेलवे और स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया है। 


प्रशासन द्वारा बैग की खोजबीन शुरू की गई लेकिन बुधवार सुबह तक बैग को लेकर कोई जानकारी नहीं मिली। बैग में 30 हजार रुपये नगद सहित अन्य सामान थे। हालांकि, स्कूल शिक्षा मंत्री ने मामले में एफआईआर दर्ज नहीं कराई है। 



पहले भी बैग हो चुका चोरी   बताया जा रहा है कि इससे पहले भी मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम का बैग चोरी हो चुका है। बाद में यह बैग उनके कार्यकर्ता के पास मिला था, जिसने सुरक्षा के लिहाज से अपने पास रख लिया था। शायद यही सोचकर अब तक पुलिस में शिकायत नहीं की गई है। 

शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने बताया कि वह मंगलवार को अमरकंटक सुपरफास्ट एक्सप्रेस से रायपुर से पेंड्रा के लिए रवाना हुए थे। उन्हें बुधवार को स्कूलों में बच्चों को नश्ता बांटे जाने के कार्यक्रम में शामिल होना था। 


बताया जा रहा है कि अमरकंटक एक्सप्रेस से रायपुर से पेंड्रा रोड रेस्ट हाउस पहुंचने के बीच बैग चोरी हुआ। काफी खोजबीन के बाद बैग का पता नहीं चला। बैग में 30 हजार रुपये नगद सहित अन्य सामान थे। फिलहाल मामले में रेल और पुलिस प्रशासन द्वारा बैग को खोजने का प्रयास किया जा रहा है।


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छत्तीसगढ़ की 44 नगर पालिकाओं के लिए आरक्षण तय, जानिए किस पालिका में किसे मिला आरक्षण

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के 13 नगर निगमों के अलावा 44 नगर पालिकाओं के अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए भी आरक्षण तय कर दिया गया है। इसमें अनुसूचित जाति के लिए छह, अनुसूचित जनजाति  के लिए पांच और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 11 नगर पालिका आरक्षित रखे गए हैं, वहीं 21 नगर पालिका में अध्यक्ष का पद अनारक्षित हैं




अनारक्षित नगर पालिकाओं में किरंदुल, सुकमा, कांकेर, कवर्धा, जामुल, कुम्हारी, दल्लीराजहरा, बालोद, बेमेतरा, महासमुंद, तिल्दा-नेवरा, गोबरा नवापारा, गरियाबंद, बलौदा बाजार, खरसिया, चांपा, सक्ती, कटघोरा, सूरजपुर, मनेंद्रगढ़ और बैकुंठपुर शामिल हैं, इसमें खरसिया, कांकेर, बेमेतरा, सक्ती, बैकुंठपुर और तिल्दा-नेवरा महिला के लिए आरक्षित रखा गया है।


अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित नगर पालिकाओं में बागबहरा, सारंगगढ़ शामिल हैं। इनमें से बागबहरा और सारंगगढ़ को महिला के लिए आरक्षित रखा गया है।


अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित नगर पालिकाओं में नारायणपुर और दंतेवाड़ा नगरपालिका को महिला के लिए आरक्षित रखे गए हैं। वहीं अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए बड़े बचेली (महिला), कोंडागांव (महिला), खैरागढ़, आरंग, तखतपुर, शिवपुर चरचा,  सरायपाली, भाटापारा महिला, अहिवारा, दीपिका (महिला) के लिए आरक्षित है।

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गोदावरी नदी में 61 सैलानियों से भरी नाव पलटी, 12 की मौत...30 से ज्यादा लापता !

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अमरावती। आंध्र प्रदेश में रविवार को गोदावरी नदी में एक नौका के पलट जाने से करीब 12 लोगों की मौत हो गई है। नाव में 61 लोग सवार थे। 30 सदस्यीय एनडीआरएफ की दो टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। 23 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। वहीं इस हादसे में 30 से अधिक लोगों के लापता होने की आशं​का जताई जा रही है।




मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने जिले के सभी उपलब्ध मंत्रियों को घटना स्थल पर बचाव कार्यों की निगरानी करने का आदेश दिया है। साथ ही सीएम ने मृतकों के परिवारों को 10 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है।


बता दें कि गोदावरी नदी पिछले कुछ दिनों से उफान पर है। जब यह हादसा हुआ तब नदी में बाढ़ आई हुई थी। नौका पर करीब 61 लोग सवार थे, जिनमें चालक दल के करीब 11 सदस्य भी शामिल हैं। सूत्रों ने बताया कि नौका कच्चुलुरु के पास पलट गई।




सीएम ने दिए ये निर्देश

मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएम ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौतम सवांग और मुख्य सचिव एलवी सुब्रमण्यम को बचाव कार्यों की बारीकी से निगरानी करने और समय-समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। उन्होंने अधिकारियों को पर्यटकों को बचाने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ से अतिरिक्त बल तैनात करने का निर्देश दिया। अधिकारियों को इस क्षेत्र में सभी नौका विहार सेवाओं को तत्काल निलंबित करने का भी सीएम ने निर्देश दिया है।



बचाव कार्य में हेलिकॉप्टर की मदद   मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद, पुलिस प्रमुख ने भारतीय नौसेना अधिकारियों से नाव दुर्घटना स्थल के लिए एक हेलिकॉप्टर तैनात करने के लिए सहायता मांगी है। उधर, राज्य के मुख्य सचिव एल वी सुब्रह्मण्यम ने पूर्वी गोदावरी के जिला कलेक्टर मुरलीधर रेड्डी से बात की और घटना के बारे में जानकारी ली है।




बिना लाइसेंस चल रही थी नाव

उधर, राज्य के पर्यटन मंत्री अवंती श्रीनिवास राव ने इस हादसे पर दुख जताया है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस नाव (रॉयल वशिष्ठ) के पास विभाग से कोई लाइसेंस नहीं था। पर्यटन मंत्री ने कहा कि इस बारे में गहन जांच होगी।

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फ्लाइट में दुर्व्यवहार का मामला: एयर इंडिया ने महासमुंद विधायक विनोद चंद्राकर से मांगी माफी, विधायक ने की थी सीएमडी से शिकायत

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के महासमुंद से कांग्रेस विधायक विनोद चंद्राकर से एयर इंडिया ने माफी मांग ली है। एयर इंडिया ने मौखिक रुप से माफी मांगी है। हालांकि, विधायक ने लिखित रुप से माफी की मांग की है। बताया जा रहा है कि कंपनी के दो अधिकारी शनिवार को विधायक के कार्यालय पहुंचे और उनसे माफी मांगी। 





बता दें कि एयर इंडिया ने विधायक पर महिला कर्मचारियों से अभद्रता का आरोप लगाया था। जिसके बाद विधायक ने कंपनी के सीएमडी से उनके साथ हुए दुर्व्यवहार की शिकायत की थी। 




क्या था मामला  बताया जाता है कि कांग्रेस विधायक विनोद चंद्राकर सात सितंबर की शाम को रांची जाने के लिए रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पहुंचे। लेकिन महिला कर्मचारी ने उन्हें देर से एयरपोर्ट पर पहुंचने की वजह से प्लेन में बैठने की इजाजत नहीं दी। महिला कर्मचारी ने आरोप लगाया था कि विधायक ने उनके साथ अभद्रता की है। जिसके बाद मामला तूल पकड़ लिया। 

इस मामले में विधायक ने कंपनी के सीएमडी से शिकायत की। उन्होंने कहा कि वे समय पर पहुंचे थे लेकिन सुरक्षा कारणों और सामान चेक करने में समय अधिक लग गया। जिसके बाद शनिवार को कंपनी के अधिकारियों ने विधायक से माफी मांग ली।


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अच्छी बारिश के लिए कराया था 'मेंढक-मेंढकी' का विवाह, इतनी हुई बरसात की कराना पड़ गया तलाक !

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भोपाल। क्या बारिश रोकने के लिए आपने मेंढक-मेंढकी के तलाक के बारे में सुना है? ये अजीबो-गरीब वाकया मध्य प्रदेश का है जहां बारिश से बेहाल लोगों ने मेंढक और मेंढकी का तलाक करवा दिया। कुछ महीने पहले भीषण गर्मी से परेशान लोगों ने इन्द्र देवता को खुश करने के लिए गाजे-बाजे के साथ मेढकों की शादी आयोजित की थी।



मध्य प्रदेश में अच्छी बारिश की मन्नत कर करीब दो महीने पहले राजधानी भोपाल में मिट्टी से बनाए मेंढक और मेंढकी की शादी कराई गई थी। लेकिन अब प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हो रही भारी बारिश से परेशान होकर इन दोनों का बाकायदा तलाक कराया गया है। 


बता दें कि वर्षा के देवता माने जाने वाले इंद्र को प्रसन्न करने के लिए यहां इंद्रपुरी इलाके में स्थित 'तुरंत महादेव मंदिर' में ओम शिव शक्ति मंडल के सदस्यों ने मेंढक-मेंढकी का विवाह करवाया था और अब तलाक भी उन्होंने ही करवाया है।



ओम शिव शक्ति मंडल के पदाधिकारी सुरेश अग्रवाल ने शुक्रवार को बताया, 'वर्षा के देवता प्रसन्न हो, प्रदेश में अच्छी बारिश आए इसलिए इस साल जुलाई में मिट्टी का एक मेंढक और एक मेंढकी बना कर उनकी शादी तुरंत महादेव मंदिर में कराई थी। शादी के बाद से ही प्रदेश में जमकर बारिश हो रही है। अब लोग इस बारिश से परेशान हो गये हैं।'

अग्रवाल ने कहा, 'कुछ लोगों ने भारी बारिश को रोकने के लिए मेंढक-मेंढकी का तलाक कराने की सलाह दी। जिसके बाद हमने धार्मिक अनुष्ठान और मंत्रोच्चारण के बीच बुधवार को इसी मंदिर में मेंढक-मेंढकी का तलाक करवा दिया। तलाक के बाद पानी में दोनों का विसर्जन कर दिया है।'


दरअसल, लोगों का मानना था कि मेंढक-मेंढकी की शादी से बारिश के देवता प्रसन्न होंगे और प्रदेश में अच्छी बारिश होगी। एमपी में इसके बाद बारिश शुरू हुई तो थमने का नाम नहीं ले रही है। बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, कई बड़े हाईवे बंद कर दिए गए हैं। अब प्रदेश में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। 


बारिश से बेहाल लोग  एमपी में लगातार हो रही बारिश के कारण जगह-जगह जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। प्रदेश के कई शहरों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। नदियों से सटे इलाकों को खाली करवाया जा रहा है। निचली बस्तियों में भी पानी भरने की खबरें लगातार आ रही हैं। 

प्रदेश में बारिश के कारण ऐसे हालात बने हैं कि सामान्य से कहीं अधिक बारिश ने पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। प्रदेश भर के डैम खोल दिए हैं। 11 सितंबर तक प्रदेश में सामान्य से 26 फीसदी अधिक बारिश हो चुकी है। वहीं, मौसम विभाग की मानें तो अभी भी बारिश से राहत नहीं मिलने के आसार नहीं हैं।

5 साल से सिर पर सींग लिए घूम रहा था यह शख्स, ऑपरेशन के बाद मिली मुक्ति !

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सागर। आपने किस्से-कहानियों में सींग वाले इंसान के बारे में सुना होगा। हॉलीवुड फिल्म 'हेलबॉय' में भी एक चरित्र दिखाया गया है, जिसके दो सींग हैं... आज हम ऐसे ही एक शख्स के बारे में आपको बता रहे हैं, जिसके सिर के बीचों-बीच एक सींग निकल आया था। 



एमपी के सागर जिले के रहली के रहने वाले श्यामलाल यादव(74) के सिर के बीचों-बीच 4 इंच से बड़ा सींग निकल आया था। सींग बिल्कुल असली और ठोस था। मेडिकल साइंस में यह दुर्लभ मामला है। पिछले दिनों श्यामलाल का ऑपरेशन किया गया। जिसके बाद उन्हें इस सींग से मुक्ति मिल गई है।


रहली के पटना बुजुर्ग गांव के श्यामलाल यादव बीते 5 साल से सिर पर सींग लेकर घूम रहे थे। वैसे तो उन्हें सींग से कोई खास परेशानी नहीं थी, लेकिन असहज जरूर लगता था। श्यामलाल बताते हैं कि करीब 5 साल पहले उन्हें सिर में जोरदार चोट लग गई थी। उसके कुछ दिनों बाद सींग निकलने लगा था। 


कई डॉक्टरों को दिखाया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ तो श्यामलाल ने बाल काटने वाले स्थानीय नाई से कई दफा सींग को ब्लेड से कटवा दिया, लेकिन सींग बार-बार निकल आता। 


श्यामलाल मेडिकल कॉलेज के अलावा भोपाल और नागपुर के अस्पतालों तक गए और वापस आ गए। उन्हें भरोसे का डॉक्टर नहीं मिल सका और न वे डॉक्टरों की बातों पर भरोसा कर सके। आखिरकार उन्होंने सागर के निजी अस्पताल में डॉ. विशाल गजभिये को समस्या बताई। जहां पिछले दिनों डॉ. गजभिये ने ऑपरेशन कर उन्हें सींग से मुक्ति दिलाई।



माथे की चमड़ी लगाकर की प्लास्टिक सर्जरी  श्यामलाल यादव की सर्जरी करने वाले सीनियर सर्जन डॉ. गजभिये ने बताया कि सींग की लंबाई करीब 4 इंच थी। मोटाई भी पर्याप्त थी। सीटी स्कैन में यह देखा गया कि सींग सिर में कितने अंदर तक था। जब कन्फर्म हो गया कि न्यूरो सर्जन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी तो ऑपरेशन किया गया। सींग को काटने के बाद खाली जगह को बंद करने के लिए माथे के ऊपरी हिस्से की चमड़ी निकालकर प्लास्टिक सर्जरी की गई है। अब दोबारा यह नहीं उभरेगा। 

डॉ. गजभिये के अनुसार यह दुर्लभ केस है। मेडिकल साइंस में इसे सेबेसियस हार्न कहा जाता है। सिर में बालों की ग्रोथ के लिए प्राकृतिक रूप से सेबेसियस ग्लैंड (ग्रंथि) होती है। इससे द्रव्य रिलीज होते हैं। जिससे बाल चमकदार बनते हैं। यह ग्रंथि बंद होने से यह द्रव्य जमता रहा और सींगनुमा आकार में सिर के ऊपर निकल आया।



ये दुर्लभ मामला अध्ययन का विषय है। इंटरनेशनल जर्नल में प्रकाशन के लिए भेज रहा हूं। मेडिकल साइंस के कोर्स में शामिल करने के लिए भी भेज रहे हैं। मेरे जीवन का पहला मामला है। बहुत ही रेयर केस है। सेबेसियस हॉर्न की हिस्ट्री कहीं नहीं मिली। 
-डॉ. विशाल गजभिये, सीनियर सर्जन, सागर


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गणपति विसर्जन के दौरान हादसा, नाव पलटने से 11 लोगों की मौत, तीन लापता

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भोपाल। मध्य प्रदेश के भोपाल में छोटा तालाब के खटलापुरा घाट पर शुक्रवार तड़के साढ़े चार बजे गणपति विसर्जन के दौरान नाव पलटने से 11 की मौत हो गई। नाव में 19 लोग सवार थे। पांच लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया और तीन की तलाश की जा रही है। 


बताया जा रहा है कि मरने वाले लोग पिपलानी के 100 क्वार्टर के रहने वाले थे। मौके पर एसडीआरएफ की टीम, गोताखोर और पुलिस की टीम मौजूद है। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने जांच के आदेश दे दिए हैं। 


जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि मृतकों के परिजन को 4-4 लाख रुपए की सहायता दी जाएगी। हादसे में 11 लोगों का मौत दुर्भाग्यपूर्ण है। ये कैसे हुआ, इसकी जांच की जाएगी। नगर निगम इसके लिए अलग से घोषणा करेगी। जिस जगह घटना हुई, वहां मध्य प्रदेश होमगार्ड और राज्य आपदा बचाव दल (एसडीआरएफ) का मुख्यालय है।





दो नावों में 23 लोग सवार थे   प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, दो नावें आपस में जुड़ी थीं, इन पर 22-23 लोग सवार थे। सभी लोग 27-28 साल उम्र के थे। कोई भी लाइफ जैकेट नहीं पहने हुआ था। एक नाव पलटी तो लोग दूसरी पर कूद गए। लिहाजा नाव का संतुलन बिगड़ गया।




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